सूरज
की हर एक किरण, मुझसे बस यही कहती है
और कोई
मिले ना मुझको, बस ! वो मेरे दिल में रहती है
सीधी-सादी
सी लगती है, वो, मेरे लिए सजाती-सँवरती है वो
चलती
है, इस तरह जैसे, कानन में मृगयी चलती है
मोरनी-सी
नाचे है वो, कोयल-सी कूके है वो
मेरी
हर धड़कन बस ! उसके लिए धडकती है
परी
जैसी दिखती है वो, मुझे सबसे प्यारी लगती है वो
मिल
जाएँ उसे मेरी खुशियाँ भी, मेरे दिल की धड़कन कहती है
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